काँग्रेस ने वीरवार को कहा है कि प्रधानमन्त्री मोदी के अन्तर्गत केन्द्र सरकार एक व्यक्ति की छवि बचाने के लिए केन्द्रीय प्रचार मशीन बनकर रह गई है। काँग्रेस ने कहा कि नरेन्द्र मोदी की छवि को बचाने के लिए अब संसद द्वारा मन्त्रालयों को आवण्टित धनराशि का 40 प्रतिशत धन हड़पकर सरकार बजट का दुरुपयोग कर रही है।
जयराम रमेश ने कहा कि 19 मई, 2023 को वित्त मन्त्रालय ने एक ऐसा क़दम उठाया है जैसा पहले कभी नहीं हुआ है। जयराम ने कहा कि वित्त मन्त्रालय ने आदेश दिया है कि विभिन्न विभागों व मन्त्रालयों में विज्ञापन और प्रचार के लिए संसद द्वारा स्वीकृत राशि का 40 प्रतिशत धन सूचना एवं प्रसारण विभाग की इकाई केन्द्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी) के नियन्त्रण में रखा जाए।
काँग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि 2023-24 के लिए संसद द्वारा सीबीसी के लिए अनुमोदित बजट 200 करोड़ रुपये है। जयराम ने कहा कि 19 मई, 2023 के वित्त मन्त्रालय के आदेश के बाद इस वर्ष के लिए सीबीसी का बजट एकदम से बढ़कर 750 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निश्चित रूप से मोदी सरकार के चुनाव अभियान में केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरह मदद के लिए है।
जयराम रमेश ने कहा कि संसद भारत सरकार के सभी विभागों और मन्त्रालयों के लिए बजट को स्वीकृति देती है। जयराम ने कहा कि हर कार्यक्रम व योजना का एक अलग बजट हैड होता है, लेकिन अब वित्त मन्त्रालय के इस आदेश के बाद ऐसा नहीं रह जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्देश संसद के साँवैधानिक दायित्वों का एक और उल्लंघन है। जयराम रमेश ने कहा कि यह न केवल महत्त्वपूर्ण मन्त्रालयों की विशेषज्ञता को नज़रअन्दाज़ करने वाला है बल्कि यह संसद द्वारा पारित बजट के महत्त्व को भी कम करता है।