हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक स्वचलित ऐनपीए प्रणाली लागू करने वाला देश का पहला सहकारी बैंक है। यह बात हिमाचल प्रदेश के मुख्यमन्त्री जय राम ठाकुर ने आज यहां सहकारिता विभाग के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
मुख्यमन्त्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक कोर बैंक सॉल्यूशन पर अपनी सभी शाखाएं चलाने वाला पहला राज्य सहकारी बैंक है। उन्होंने कहा कि इस बैंक के पास रुपे कार्ड के माध्यम से दो लाख से अधिक एटीऐम शेयरिंग सुविधा उपलब्ध है। मुख्यमन्त्री ने कहा कि यह बैंक एचआईऐमपीईऐसए ऐप के माध्यम से मोबाइल बैंक सेवा भी उपलब्ध करवा रहा है।
मुख्यमन्त्री ने कहा कि राज्य के बैंकिंग उद्योग में सहकारी बैंकों की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि राज्य में बैंक की विभिन्न 2,194 शाखाओं में से 512 शाखाएं सहकारी क्षेत्र के बैंक की हैं जिनमें हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की 241, काँगड़ा केन्द्रीय सहकारी बैंक की 240 और जोगिन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक की 31 शाखाएं हैं। मुख्यमन्त्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की शाखाएं बिलासपुर, चम्बा, किन्नौर, मण्डी, शिमला, सिरमौर एवं काँगड़ा ज़िला; काँगड़ा केन्द्रीय सहकारी बैंक की शाखाएं कुल्लू, काँगड़ा, हमीरपुर, लाहौल-स्पीति एवं ऊना ज़िला और जोगिन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक की शाखाएं सोलन ज़िला में हैं।
मुख्यमन्त्री ने कहा कि वर्ष 2019-20 के दौरान हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के पास 11,814.67 करोड़ रुपये जबकि काँगड़ा केन्द्रीय सहकारी बैंक के पास 11,539.15 करोड़ रुपये की जमा पूँजी थी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक ने वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान 1,029 करोड़ रुपये के कृषि-ऋण वितरित किए हैं जबकि काँगड़ा केन्द्रीय सहकारी बैंक ने इस अवधि के दौरान 598.58 करोड़ रुपये के कृषि-ऋण वितरित किए हैं।
मुख्यमन्त्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक ने वर्ष 2019-20 में 58.33 करोड़ रुपये, काँगड़ा केन्द्रीय सहकारी बैंक ने 48.70 करोड़ रुपये और जोगिन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक ने 6.31 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है।
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष खुशी राम बालनाहटा, काँगड़ा केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष राजीव भारद्वाज और जोगिन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रतिनिधि ने मुख्यमन्त्री से सहकारी बैंकों को सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रैडिट गारण्टी फ़ण्ड ट्रस्ट के तहत ऋण प्रदान करने वाले संस्थानों के सदस्यों (ऐमऐलआई) के रूप में शामिल करने का आग्रह किया।