केन्द्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के लिए जीऐसटी मुआवज़े के रूप में 205 करोड़ की धनराशि जारी की है। साथ ही प्रदेश में पूंजीगत कार्यों के लिए 50 वर्षों के लिए 450 करोड़ रुपये का दीर्घकालिक ब्याज-मुक्त ऋण देने की भी घोषणा की गई है। केन्द्रीय वित्त मन्त्री निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में ये घोषणाएं कीं।
केन्द्र सरकार की इन घोषणाओं पर प्रदेश के मुख्यमन्त्री जय राम ठाकुर ने कहा है कि जीऐसटी मुआवज़ा राशि और पूंजीगत कार्यों के लिए ब्याज-मुक्त दीर्घकालिक ऋण से राज्य में विकास की गति और तेज़ करने में सहायता मिलेगी। मुख्यमन्त्री ने कहा कि जुलाई 2017 में जीऐसटी लागू करने के बाद प्रदेश में जीऐसटी संग्रह में नियमित वृद्धि देखी गई है। उन्होंने कहा कि उच्चतम स्तर पर जीऐसटी संग्रह की निगरानी की जा रही है और इस सम्बन्ध में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।